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यादो की बारात || Love Poem For Lovers In Hindi

यादो की बारात || Love Poem For Lovers In Hindi

अभी तो बाकी वो सुबह वह साम है
जिसपे लिखे तेरे - मेरे नाम है
मिल जा तु कही किसी मोड पे
मेरे दिल  मे बस यही अरमान है

तुझको कैसे बताऊँ तुझमे बसी मेरी जान है
तेरे बिना न कोई मेरा जहान है
तुझको बता दूँ तु कितनी अंजान है
तेरे  लिए मेरी तो जां भी कुरबान है

तेरे बिना न मेरी पहचान है
तेरे बिना हर रास्ते सुनसान है
तेरे बिना तो मेरी जिंदगी वीरान है
फिर भी तू न जाने क्यों मेरे दर्द से अंजान है

अभी तो बाकी वो लम्हे वो एहसास है
जिसमे बीतता हर लमहा वक्त का तुम्हारे साथ है
छोड़ देना न तुम साथ मेरा
तुम्हारे बिना यह जिंदगी उदास है

क्यों न आती अब  वो सुबह-साम है
माना अभी तो वो सुबह साम नही है
फिर भी मेरे लिए तु आम नही है
बुझ जाये जो मेरे लिए तु वो अरमान नही है

क्यो न आती अब वो सुबह-साम है
जिसपल तेरी नयनो में ही मेरा स्थान है
जिस पल तेरी  निगाहे ही मेरी पहचान है
मिल जा तु कही किसी मोड़ पे बस यही अरमान है 

माना अभी  तो वो सुबह साम नही है
फिर भी तेरे सिवा मेरे होठो पर कोई नाम नही है
अब तो असक को भी विराम नही है, नयनो मे कोई स्थान नही है
माना अभी तो वो सुबह वो…

काश तुम मेरे पास होती || Sad Poem in hindi

काश तुम मेरे पास होती || Sad Poem in hindi   

काश तुम मेरे पास होती तो यू न जिंदगी उदास होती
यूँ  न चलते अकेले अंतहीन रास्तो पर
तो यूँ न खो देता एहसास जिंदगी का

काश तुम मेरे पास होती
तो यू न जिंदगी उदास होती
तो यूँ न अश्क पलकों से जुदा होते
तो यूँ न हम रह रह के पलकें भिगोते

काश तुम मेरे पास होती
तो यू न जिंदगी उदास होती
ख्वाब तो अभी भी आते है पर
ख्वाबों में भी अब तुम साथ नहीं होती

बस तेरी यादों का सहारा है 
फिर भी तु ही सबसे प्यारा है 
काश तुम मेरे पास होती
तो यू न जिंदगी उदास होती


यह  कविता आपको  कैसी लगी प्लीज हमें कमेंट करके बताएं!
        धन्यवाद 🙏🙏🙏

poet   शोध छात्र         शिव कुमार खरवार       राजनीतिक विज्ञान विभाग डॉ.भीम राव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी                लखनऊ ।
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मां की ममता ||mother poem in hindi

माँ की ममता || Mother Poem in Hindi


माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से  हूं!  
भूखे रहकर भी  निवाला खिलाया तूने  धूप के आने पर छांव बनकर सहलाया तूने , अनजान राहो में कांटों के बीच फूल बनकर  खिलना सिखाया तूने दुख के काले बादली में धीरज दिलाया तूने
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!  जब मै पहली बार चला था   कभी गिरता था कभी समहला था  पैरों पर खड़ा होकर चलना सिखाया तूने
खुद पर यंकिन करना सिखाया तूने
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं! पैरों के नीचे जमीन सिर के ऊपर छांव बनी तुफानो से लड़ने को चटटान बनी कभी मिट ना सके मेरे लिए वह सम्मान बनी

माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!  जाने कितने रूप लेके मुझे बचाया तूने  सबसे पहले प्यास बुझाया तूने सबसे पहले  भूख मिटाया तूने सबसे पहले  प्यार जताया तूने
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं! कृति तारों कि भांति  आकाश मे छा जाएगी कृति दीपक कि भांति राह दिखाएगी मां तुमने जो दिए संस्कार  वादा  है वह लोगों को भा जाएगी
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!

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        धन्यवाद 🙏🙏🙏       शोध छात्र    …

एक वादा | Love Poem in Hindi

एक वादा | Love Poem 
तुचाहे न चाहे मैं तुझे चाहूँगा सदा । 
 मैंने तुमको चाहा है और तुझे ही चाहूँगा।। 
 तेरे लिए जागूँगा और तुझे ही गुनगुनाऊँगा। 
 तू न मिली तो क्या हुआ तेरे याद का घर बनाऊंगा।। 


 तेरी मुझपर पड़ी एक नजर का क़र्ज़ मैं कैसे चुकाऊंगा।   
 कुछ न कह सका तुमसे पर तहे दिल से कहना चाहूँगा।। 
 तुम मेरी तो न बन सकी पर तेरी यादो पे अपना हक़ जमाउंगा।
 वादा है तुमसे तेरे सिवा किसी और को न चाहूँगा।। 


 दर्द इतना बढ़गया है की लिखता जाऊंगा। 
 इस दर्द को ही अपनी ताकत  बनाऊंगा।। 
 तेरी चाहत को अपनी राहत  बनालूँगा। 
 चाहे जैसे भी हो तेरा साथ निभा दूँगा।। 

 तेरे पलकों के आंसू मेरे पलकों से बहे।                    
 तेरी ह्रदय की चीख मेरे ह्रदय से निकले ।। 
 तेरी आँखों से सारा जहा नजर आये। 
 पर मेरे आँखों से बस तू नजर आये ।। 

 कुछ टूट रहा है अंदर  ही अंदर ।
 बता तेरे बिना आखिर मै कैसे रह पाऊंगा।। 
 पर तेरे बिना भी जीकर दिखाऊंगा ।
 प्यार का एक अलग ही अंदाज दिखाऊंगा।। 



तू चाहे न चाहे पर मै तुम्हे चाहूँगा सदा ।।। 
Love Poem Written by- Kishan Kumar

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And readi…
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