प्रेरणादायक कविताएँ [ Motivational Poem In Hindi ]

Motivational Poem In Hindi💪💣 प्रेरणादायक💥 कविता संग्र👇

ये ऐसी दस प्रेरणादायक कविताये हिंदी में (motivational poem in hindi) जिन्होंने सदैव से कवियों तथा कविता प्रेमियों को अपनी और आकर्षित किया है और उनके ह्रदय में एक अलग ही उमंग या प्रेरणा उत्पन्न की है अतः आप सभी स्रोताओं से निवेदन है की इन कविताओ के अद्वितीय संग्रह को ध्यान पूरक पढ़े क्योंकि क्या पता इन कविताओ में से कौन सी लाइन /शब्द आपकी जिन्दगी बदल दे .आपको फिर उठ खड़ा होने के लिए मजबूर कर दे .


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Motivational Poem In Hindi


Motivational Poem In Hindi ( List )

 1लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
  2कोने में बैठ कर क्यों रोता है,
  3हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए
  4गिरना भी अच्छा है
  5सपनों में उड़ान भरो
  6कोशिश कर, हल निकलेगा

 

#1 लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती





Motivational Poem In Hindi-1

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती


नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चढ़ती है

चढ़ती दीवारों पर सौ बार फ़िसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है

चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है

मेहनत उसकी बेकार नहीं हर बार होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती


डुबकियाँ सिंधु में गोताखोर लगाता है

जा-जा कर खाली हाथ लौट कर आता है

मिलते न सहज ही मोती गहरे पानी में

बढ़ता दूना विश्वास इसी हैरानी में

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती


असफ़लता एक चुनौती है, स्वीकार करो

क्या कमी रह गई देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नींद-चैन को त्यागो तुम

संघर्षों का मैदान छोड़ मत भागो तुम

कुछ किये बिना ही जय-जयकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती


कवि  -  हरिवंश राय बच्चन 


#2 कोने में बैठ कर क्यों रोता है






Motivational Poem In Hindi-2

कोने में बैठ कर क्यों रोता है,

यू चुप चुप सा क्यों रहता है।

आगे बढ़ने से क्यों डरता है,

सपनों को बुनने से क्यों डरता है।

तकदीर को क्यों रोता है,

मेहनत से क्यों डरता है।

झूठे लोगो से क्यों डरता है,

कुछ खोने के डर से क्यों बैठा है।

हाथ नहीं होते नसीब होते है उनके भी,

तू मुट्ठी में बंद लकीरों को लेकर रोता है।

भानू भी करता है नित नई शुरुआत,

सांज होने के भय से नहीं डरता है।


मुसीबतों को देख कर क्यों डरता है,

तू लड़ने से क्यों पीछे हटता है।

किसने तुमको रोका है,

तुम्ही ने तुम को रोका है।

भर साहस और दम, बढ़ा कदम,

अब इससे अच्छा कोई न मौका है।

कवि  -  नरेंद्र वर्मा


#3 हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए






Motivational Poem In Hindi-3

हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए

इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए


आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी

शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए


हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में

हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए


सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं

सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए


मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही

हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए


कवि - दुष्यंत कुमार

#4 गिरना भी अच्छा है






Motivational Poem In Hindi-4

गिरना भी अच्छा है

औकात का पता चलता है…

बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को…

अपनों का पता चलता है!


जिन्हे गुस्सा आता है,

वो लोग सच्चे होते हैं,

मैंने झूठों को अक्सर

मुस्कुराते हुए देखा है…


सीख रहा हूँ मैं भी,

मनुष्यों को पढ़ने का हुनर,

सुना है चेहरे पे…

किताबो से ज्यादा लिखा होता है…!


कवि - अमिताभ बच्चन


#5 सपनों में उड़ान भरो






Motivational Poem In Hindi-5

सपनों में उड़ान भरो

कुछ काम करो,

न मन को निराश करो

पंख होंगे मजबूत,

तुम सपनों में साहस भरो,

गिरोगे लेकिन फिर से उड़ान भरो,

सपनों में उड़ान भरो।


तलाश करो मंजिल की,

ना व्यर्थ जीवनदान करो,

जग में रहकर कुछ नाम करो,

अभी शुरुआत करो,

सुयोग बीत न जाए कहीं,

सपनों में उड़ान भरो।


समझो खुद को,

लक्ष्य का ध्यान करो,

यूं ना बैठकर बीच राह में,

मंजिल का इंतजार करो,

संभालो खुद को यूं ना विश्राम करो,

सपनों में उड़ान भरो।


उठो चलो आगे बढ़ो,

मन की आवाज सुनो,

खुद के सपने साकार करो,

अपना भी कुछ नाम करो,

इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करो,

सपनों में उड़ान भरो।


बहक जाएं गर कदम,

तो गुरु का ध्यान करो,

तुम पा ना सको ऐसी कोई मंजिल नहीं,

हार जीत का मत ख्याल करो,

अडिग रहकर लक्ष्य का रसपान करो,

सपनों में उड़ान भरो।


कवि -  नरेंद्र वर्मा

#6 कोशिश कर, हल निकलेगा






Motivational Poem In Hindi-6

कोशिश कर, हल निकलेगा

आज नहीं तो, कल निकलेगा.

अर्जुन के तीर सा सध

मरूस्थल से भी जल निकलेगा.


मेहनत कर, पौधों को पानी दे

बंजर जमीन से भी फल निकलेगा.

ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे

फ़ौलाद का भी बल निकलेगा


जिंदा रख, दिल में उम्मीदों को

गरल के समंदर से भी गंगाजल निकलेगा.

कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की

जो है आज थमा-थमा सा, चल निकलेगा


कवि - आनंद परम 

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देवाकलासंसर स्टाफ टीम की ओर से आप सभी को बहुत सारी शुभकामनाएं आपको यह कविता संग्रह कैसी लगी या इनमे से आप को कौन सी लाइन सबसे ज्यादा अच्छी लगी .और यदि आपके मन कोई सुझाव या सलाह उत्पन्न हो रही हो तो आप अपने सुझाव कमेंट के माध्यम से जरूर दे .आपके सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए मायने रखते है . धन्यवाद् 

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