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हिन्दी कविता || Top Best Motivational Poem in Hindi

हिन्दी कविता || Top Best Motivational Poem in Hindi

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हिन्दी कविता || Top Best Motivational Poem in Hindi

पिता की दी सीखो का करले ध्यान
निर्णय लेना भी सिख जाएगा
पिता तेरे लिए वो जमीं है
जिसपर हमेशा तु खुद को खड़ा पाएगा

आज नही तो कल ये तु जान जाएगा
पिता के सिख से बढ़कर कोई सिख नही होती
पिता के होने से बढ़कर कोई तक़दीर नही होती
पिता के न होने से बढ़कर कोई पीर नही होती

माँ के दी सीखो का करले ध्यान
खुद पर विश्वास करना तु सिख जाएगा
माँ तो तेरे लिए वो दरवाजा है
जिसे तु हमेशा खुला पाएगा

आज नही तो कल तु ये जान जाएगा
माँ से बढ़कर कोई चीज नही होती
माँ से अच्छी कोई तस्वीर नही होती
माँ के होने से बड़कर कोई तकदीर नही होती

कोहरा चाहे कितना भी घना हो
सूरज के गर्मी से हट जाता है
अंधेरा चाहे कितना भी घना हो
सुबह के रोसनी के आगे न टिक पाता है  

भ्रम चाहे कितना भी बड़ा हो
खुद पर विश्वास से मिट जाएगा
अज्ञान चाहे कितना भी ज्यादा हो
गुरु के ज्ञान के आगे न टिक पायेगा

तु खुद को पहचान जाएगा
आज नही तो कल तु ये मान जाएगा
आदत चाहे कितनी भी बुरी हो
दृढ़ विश्वास से छुट जाएगा
रात चाहे कितनी भी लम्बी हो
कल सवेरा फिर आएगा
आज नही तो कल तु ये मान जाएगा
तु खुद को पहचान जाएगा

MORE   -SELF RESPECT POEM IN HINDI 




















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लेयोनार्दो द विंची || Leonardo Da Vinci in Hindi

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  नाम लियोनार्दो द विंची  जन्म  १५ अप्रैल,१४५२  मृत्यु  २० मई,१५१९  पिता का नाम  सर पियरे द विंची  माता का नाम  कटरीना  पुत्र का नाम  गियाकामो,सिलाई,लिटिल डेविल  हस्त पुस्तक  कोडेक्स लिसेस्टर  पेंटिंग  द मोनालिसा,द लास्ट सुपर
कोई व्यक्ति एक अच्छा मूर्तिकार, डिजाइनर, संगीतज्ञ,चित्रकार, वैज्ञानिक, इंजीनियर व गणितज्ञ इनमे से कोई एक हो सकता है। कोई अच्छा कलाकार हो सकता है, या चिंतक हो सकता है किंतु यदि ये कहा जाय की एक ही व्यक्ति अपने जीवन काल मे ये सभी हो तो ये असंभव लगता है लियोनार्डो बहुमुखी प्रतिभा के धनी एवं सृजन की हर विधा में बेजोड़ थे।


लियोनार्डो की एक हस्त नोटबुक ‘कोडेक्स लिसेस्टर’ 3 करोड़ डॉलर में बिकी थी। बिल गेट्स ने इसे ख़रीदा और कहा यह मेरे लिए एक सस्ता एवं फायदा का सौदा रहा ।
Leonardo Da Vinci Biography जन्म : 15 अप्रैल, 1452 को शनिवार के दिन, रात साढ़े दस बजे इटली के टस्कनी में विंची नामक गाँव में एक अविवाहित कटरीना नामक लडकी ने लियोनारदो को जन्म दिया|
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मां की ममता ||mother poem in hindi

माँ की ममता || Mother Poem in Hindi


माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से  हूं!  
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माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!  जब मै पहली बार चला था   कभी गिरता था कभी समहला था  पैरों पर खड़ा होकर चलना सिखाया तूने
खुद पर यंकिन करना सिखाया तूने
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं! पैरों के नीचे जमीन सिर के ऊपर छांव बनी तुफानो से लड़ने को चटटान बनी कभी मिट ना सके मेरे लिए वह सम्मान बनी

माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!  जाने कितने रूप लेके मुझे बचाया तूने  सबसे पहले प्यास बुझाया तूने सबसे पहले  भूख मिटाया तूने सबसे पहले  प्यार जताया तूने
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं! कृति तारों कि भांति  आकाश मे छा जाएगी कृति दीपक कि भांति राह दिखाएगी मां तुमने जो दिए संस्कार  वादा  है वह लोगों को भा जाएगी
माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!

यह  कविता आपको  कैसी लगी प्लीज हमें कमेंट करके बताएं!
        धन्यवाद 🙏🙏🙏       शोध छात्र    …

मंगल मिशन || Best Motivational Poem in Hindi

मंगल मिशन || Best Motivational Poem in Hindi
मत रोक मुझे
मैं एक परिंदा हूँ
उड़ना मेरी फितरत है
इसलिए अभी तक जिंदा हूँ।

हा मै एक परिंदा हूँ

हक है आसमा पर
तो हक जमाता हूँ
उड़ने की है हिम्मत
तो खुद को आजमाता हूँ

जमीन पर तो पल भर का डेरा है
वरना खुले गगन में ही अपना बसेरा है
अभी तो डाल डाल पात पात खाख खाख छानना बाकि है
खुले गगन में क्या कहा है हर बात जानना बाकि है

मै हूँ परिंदा मंगल यान है जिसका नाम
मंगल की जमीन पर तिरंगा फहराना जिसका काम
वदा है दुर छितिज से सन्देश ले आऊंगा
मानव तेरे लिए एक जमीन एक देश ले आऊंगा

न रोको मुझे मै एक परिंदा हूँ
मै हूँ भारत के मंगल अभियान का मंगल यान
न रोक पाएंगा अंधी मुझे न रोक पाएंगा तूफान
चीरती हुए हवाओ में मै भरुंगा उड़ान

जय हो मंगल यान.......
जय हो मंगल यान.......
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