Tuesday, 27 August 2019

Mother Poem in Hindi ( मां की ममता )

Mother Poem in Hindi ( माँ की ममता )


mother poem in hindi,hindi poem on mother,poem in hindi on mother,poem in hindi for mother,mother day poem in hindi,poem on mother in hindi,poem for mother in hindi,poem on maa in hindi,
Mother Poem in Hindi


 माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से  हूं!  
भूखे रहकर भी  निवाला खिलाया तूने
 धूप के आने पर छांव बनकर सहलाया तूने
, अनजान राहो में कांटों के बीच फूल बनकर 
खिलना सिखाया तूने
दुख के काले बादली में धीरज दिलाया तूने

 माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं! 
जब मै पहली बार चला था 
 कभी गिरता था कभी समहला था
 पैरों पर खड़ा होकर चलना सिखाया तूने
खुद पर यंकिन करना सिखाया तूने

माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!
पैरों के नीचे जमीन
सिर के ऊपर छांव बनी
तुफानो से लड़ने को चटटान बनी
कभी मिट ना सके मेरे लिए वह सम्मान बनी

माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!
 जाने कितने रूप लेके मुझे बचाया तूने 
सबसे पहले प्यास बुझाया तूने
सबसे पहले  भूख मिटाया तूने
सबसे पहले  प्यार जताया तूने

माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!
कृति तारों कि भांति 
आकाश मे छा जाएगी
कृति दीपक कि भांति
राह दिखाएगी
मां तुमने जो दिए संस्कार 
वादा  है वह लोगों को भा जाएगी

माँ...आज जो कुछ भी हूं सब तेरी वजह से हूं!



Mother Poem in Hindi नामक यह  कविता आपको  कैसी लगी प्लीज हमें कमेंट करके बताएं!

        धन्यवाद 🙏🙏🙏
      शोध छात्र
        शिव कुमार खरवार 
     राजनीतिक विज्ञान विभाग
डॉ.भीम राव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी
               लखनऊ ।