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मंगल मिशन || Best Motivational Poem in Hindi

मंगल मिशन || Best Motivational Poem in Hindi


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मत रोक मुझे
मैं एक परिंदा हूँ
उड़ना मेरी फितरत है
इसलिए अभी तक जिंदा हूँ।

हा मै एक परिंदा हूँ

हक है आसमा पर
तो हक जमाता हूँ
उड़ने की है हिम्मत
तो खुद को आजमाता हूँ

जमीन पर तो पल भर का डेरा है
वरना खुले गगन में ही अपना बसेरा है
अभी तो डाल डाल पात पात खाख खाख छानना बाकि है
खुले गगन में क्या कहा है हर बात जानना बाकि है

मै हूँ परिंदा मंगल यान है जिसका नाम
मंगल की जमीन पर तिरंगा फहराना जिसका काम
वदा है दुर छितिज से सन्देश ले आऊंगा
मानव तेरे लिए एक जमीन एक देश ले आऊंगा

न रोको मुझे मै एक परिंदा हूँ
मै हूँ भारत के मंगल अभियान का मंगल यान
न रोक पाएंगा अंधी मुझे न रोक पाएंगा तूफान
चीरती हुए हवाओ में मै भरुंगा उड़ान

जय हो मंगल यान.......
जय हो मंगल यान.......

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हिन्दी कविता || Top Best Motivational Poem in Hindi

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पिता की दी सीखो का करले ध्यान
निर्णय लेना भी सिख जाएगा
पिता तेरे लिए वो जमीं है
जिसपर हमेशा तु खुद को खड़ा पाएगा

आज नही तो कल ये तु जान जाएगा
पिता के सिख से बढ़कर कोई सिख नही होती
पिता के होने से बढ़कर कोई तक़दीर नही होती
पिता के न होने से बढ़कर कोई पीर नही होती

माँ के दी सीखो का करले ध्यान
खुद पर विश्वास करना तु सिख जाएगा
माँ तो तेरे लिए वो दरवाजा है
जिसे तु हमेशा खुला पाएगा

आज नही तो कल तु ये जान जाएगा
माँ से बढ़कर कोई चीज नही होती
माँ से अच्छी कोई तस्वीर नही होती
माँ के होने से बड़कर कोई तकदीर नही होती

कोहरा चाहे कितना भी घना हो
सूरज के गर्मी से हट जाता है
अंधेरा चाहे कितना भी घना हो
सुबह के रोसनी के आगे न टिक पाता है  

भ्रम चाहे कितना भी बड़ा हो
खुद पर विश्वास से मिट जाएगा
अज्ञान चाहे कितना भी ज्यादा हो
गुरु के ज्ञान के आगे न टिक पायेगा

तु खुद को पहचान जाएगा
आज नही तो कल तु ये मान जाएगा
आदत चाहे कितनी भी बुरी हो
दृढ़ विश्वास से छुट जाएगा
रात चाहे कितनी भी लम्बी हो
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आज नही तो कल तु ये मान जाएगा
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खुद पर यंकिन करना सिखाया तूने
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